दमण नगरपालिका परिषद का गठन :

दमण नगरपालिका परिषद एक स्थानीय स्वशासन संस्था है, जिसकी स्थापना 1613 ईसवी में पुर्तगाली सत्ता के दौरान हुई है । यह संस्था एशिया की सबसे पुरानी नगरपालिकाओं में से एक है ।

19 दिसम्बर, 1961 के मुक्ति दिवस तक पूरा दमण जिला दमण नगरपालिका के अधिकार क्षेत्र में था । इसे पुर्तगाली भाषा में कामारा-डी-दमाओं नाम से भी जाना जाता था । इसके अधिकार क्षेत्र में आनेवाले क्षेत्र को निम्नलिखित तीन हिस्सों में वर्गीकृत किया गया है ।

  1. शहरी क्षेत्र,जिसमें नानी दमण और मोटी दमण क्षेत्र हैं ।
  2. उप-नगरी क्षेत्र, जिसके अंतर्गत - देवका, दमणवाडा, वरकुंड, ढ़ोलर एवं कथीरिया क्षेत्र समाविष्ट हैं ।
  3. ग्रामीण क्षेत्र - ऊपर उल्लिखित दो क्षेत्रों के अलावा जिले का शेष सभी क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र में गिना जाता है ।

पुर्तगाली शासन के समय सरकार द्वारा यहाँ रहने वाले अलग-अलग समुदायों के प्रमुख व्यक्तियों को दमण नगरपालिका परिषद की सदस्यता दी जाती थी । परिषद के प्रमुख कामरा (पुर्तगाली भाषा में) को नगरपालिका के अध्यक्ष के रूप में जाना जाता था ।

वर्ष 1962 में ग्राम पंचायत अधिनियम लागू किया गया और ग्रामीण क्षेत्र के लिए ग्राम पंचायतों का गठन किया गया । वर्ष 1969 को गोवा, दमण एवं दीव नगरपालिका अधिनियम अस्तित्व में आया, वर्तमान में इसे दमण एवं दीव नगरपालिका (संशोधित) विनियम-1994 नाम से संशोधित किया गया है । नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के तहत अक्तूबर, 1970 को परिषद का पहला चुनाव कराया गया और 19 नवम्बर, 1970 को परिषद के निर्वाचित सदस्यों में से अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चयन किया गया । दमण जिले का कुल क्षेत्र 72 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें 6.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शहरी है जो नगरपालिका के अधिकार क्षेत्र में आता है ।

नगरपालिका विनियम के प्रावधानों के अनुसार वर्ष 1990 के जून महीने तक नगरपालिका में 13 वार्ड एवं तद्‌नुसार 13 नगर पार्षद चुने जाते थे । वर्ष-1990 से वार्ड संख्या बढ़ाकर 14 कर दी गई और वार्ड पार्षदों की संख्या भी तद्‌नुसार 14 कर दी गई । वर्ष-1996 में इन वार्डों को फिर से वर्गीकृत किया गया एवं इनकी संख्या 15 की गई ।

वर्ष 1987 में गोवा को स्वतंत्र राज्य का दर्जा दिया गया, जिसके कारण दमण एवं दीव अलग हो गये और 30 मई, 1987 को इन्हें नया संघ प्रदेश बनाया गया । इनमें से दमण को इस संघ प्रदेश की राजधानी का शहर बनाया गया ।

वर्ष 1996 से संविधान संशोधन के प्रावधानों के अधीन नगरपालिका क्षेत्र में एक तिहाई वार्डों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाना आरंभ हुआ ।

नगरपालिका की धारा-51, विनियम-I Bid के परिप्रेक्ष्य में दमण नगरपालिका परिषद दो प्रकार के कार्य करती है ;

अनिवार्य कार्यों के तहत -
1. राजमार्ग अधिनियम के अंतर्गत वर्गीकृत सड़कों के अलावा क्षेत्र की सभी सड़कों का निर्माण कार्य, मरम्मत कार्य, रखरखाव संबंधी कार्य ।
2. सार्वजनिक स्थलों एवं सड़कों पर स्ट्रीट लाईट की व्यवस्था ।
3. सड़कों की सफाई ।
4. खेल मैदान तथा सेमेट्री के रखरखाव संबंधी कार्य ।
5. सार्वजनिक शौचालयों का रख-रखाव ।

नगरपालिका के स्वेच्छा-मूलक कार्यों के तहत निम्नलिखित कार्यों का समावेश किया गया है :-
- पुस्तकालय भवनों एवं मनोरंजन के अन्य स्थानों का निर्माण एवं रख-रखाव कार्य ।
- सार्वजनिक अस्पतालों को चलाना एवं उनका रख-रखाव करना ।
- पूर्व प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा संस्थानों से संबन्धित विविध कार्य ।
- संग्रहालय, व्यायामशाला, अखाड़ा, विकलांगों एवं निराश्रितों के लिए भवन निर्माण एवं तत्सबन्धी कार्य ।
- सार्वजनिक भवनों का निर्माण जैसे- टाऊन हॉल, धर्मशाला, खुला रंगमंच, स्टेडियम आदि ।